
ये खामोश आंखे भी बड़ी
अजीब चीज होती है
जब भी मिलती है किसी से
लाखों सवाल कर kr जाती
येसा क्यों ......................
खामोश है आप , खामोश है आपकी ऑंखें
खामोश है आपकी मोह्हबत ,खामोश है आपकी पैगाम
खामोश है आपकी अदाएं ,खामोश है आपकी चाहत
ख़ामोशी की साया हर तरफ ,बिछाए है haiआप
शायद ख़ामोशी से रिश्ता जोड़ लिए है
या शायद ख़ामोशी ही आपके दिल को सुकून sukoonदेती होगी
या शायद ख़ामोशी ही आपकी हौसला अफजाई करती है
पर....................................
ये ख़ामोशी
बड़ा बेदर्द होता है,
शायद आपको मालूम नही
क्या है ख़ामोशी
हर वह बदनसीब है , जो खामोश है ,
हर वह बेचैन है ,जो खामोश है ,
हर वह गमजदा है ,जो खामोश है
यह आंशुओं की निशब्द घाटी है ,
यह ह्रदय की दुखांत परिपाटी है
इसलिए कभी खामोश नहीं रहना
जीते-जी बेमौत न मरना
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