एक आदमी बहुत दिनों तक बैसाखी के सहारे चला , ज्योही उसकी बैसाखी छीन ली गई , उसकी गति रुक गई यह हाल उसकी है जो दुसरे के अवलंब या सहारे कुछ कर गुजरने का अभ्यासी है इसलिए अगर मुझे पॉवर मिल जाये तो "मैं लोगों को स्वालंबी बनाऊंगा इसके लिए उपयुक्त शिक्षा , उचित मॉहौल और उपयुक्त रोजगार की व्यवस्था करूंगा
लोगों में जब स्वाबलंबन की भावना आएगी तो पूरी सत्ता व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी भ्रष्ट और घुसखोर लोंगो की कमी होगीपूरी सत्ता व्यबस्था सुदृढ़ होगी और देश प्रगति के शिखर पर विराजमान होगा
1 comments:
Nice thought but it's impractical
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